{"product_id":"shakespeare-ki-vishva-prasidh-kahaniyan","title":"Shakespeare Ki Vishva Prasidh Kahaniyan","description":"\u003cp\u003eहेलेना एक वैद्य की बेटी है, और जिस युवक को वह चाहती है, वह उसे अपनाने से इनकार कर देता है। फिर भी वह एक ऐसे राजा के सामने जा खड़ी होती है जिसे बड़े-बड़े चिकित्सक छोड़ चुके हैं, और अपनी जान की बाज़ी लगाकर कहती है कि दो दिन में ठीक न कर पाऊँ तो मुझे मृत्युदण्ड दे दीजिए। यह है शेक्सपियर, जैसा आपने उसे कभी पढ़ा नहीं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eरोजालिण्ड और शीलिया के पिता एक-दूसरे के दुश्मन हैं, पर दोनों की दोस्ती सगी बहनों से भी गहरी है। इमोजिन राजा की इच्छा के विरुद्ध एक साधारण युवक से ब्याह कर बैठती है और बदले में पाती है नज़रबंदी और बिछोह। टाइटस रोम के लिए अपने इक्कीस बेटे कुर्बान कर देता है, और जब बदले की बारी आती है, तब रोम देखता है कि एक सिपाही का क्रोध पूरे साम्राज्य से बड़ा हो सकता है। ट्रॉय की दीवारों के बाहर दो सेनाएँ खून बहाने को खड़ी हैं और भीतर ट्रायलस अपना दिल क्रेसिडा के हाथों हार चुका है। और एक राजकुमार, जिसे पूरा दरबार आवारा और बिगड़ा हुआ समझता था, वही एक दिन इंग्लैण्ड का ताज पहनता है और फ्रांस की धरती पर अपना हक़ माँगने निकल पड़ता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रेम, सत्ता, विश्वासघात और प्रायश्चित की ये सात कहानियाँ सरल और बहती हुई हिन्दी में, मूल कथानक के साथ बिना किसी छेड़छाड़ के आपके सामने रखी गई हैं। इनमें वे किरदार हैं जो चार सदियों बाद भी इसलिए ज़िन्दा हैं कि वे आज भी हमारे आसपास साँस लेते हैं। यह किताब उन सबके लिए है जिन्होंने शेक्सपियर का नाम हमेशा सुना, पर उसे कभी इतनी आसानी से नहीं पढ़ा।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस संग्रह में: अन्त भला तो सब भला, एक प्यार ऐसा भी, राजा सिम्बेलिन, टीटस एण्ड्रोनिकस की कहानी, ट्रायलस एण्ड क्रेसिडा, चतुर्थ किंग हेनरी, पंचम किंग हेनरी विलियम शेक्सपियर (1564 से 1616) अंग्रेज़ी साहित्य के सबसे बड़े नाटककार माने जाते हैं। रोमियो और जूलियट, ओथेलो, किंग लियर और बारहवीं रात जैसे उनके नाटक दुनिया की लगभग हर भाषा में पहुँचे और आज भी मंच पर खेले जाते हैं। इस संग्रह में उनकी वे कहानियाँ हैं जिनका रोमांच बहुत कम पाठकों तक पहुँचा है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eएक किताब, सात दुनियाएँ, और एक ही सवाल: जब ताज, प्रेम और इज़्ज़त तीनों दाँव पर हों, तो आप क्या चुनेंगे?\u003c\/p\u003e","brand":"Shakespeare","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":67047676674163,"sku":null,"price":260.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0024\/0916\/9011\/files\/Screenshot2026-10-29at11.34.53.png?v=1793254183","url":"https:\/\/kautilya.in\/products\/shakespeare-ki-vishva-prasidh-kahaniyan","provider":"Kautilya Books","version":"1.0","type":"link"}