{"product_id":"yagnopnishada-2","title":"Yagnopnishada","description":"\u003cp\u003e\u003cmeta charset=\"utf-8\"\u003e\u003cspan\u003eयज्ञोपनिषद, रामकथा के मंच पर मोरारी बापू लाखों की भीड़ को संबोधित करते हैं। पर हर शाम, यज्ञकुंड की मद्धम लौ के पास, स्वरूप कुछ और होता है छोटा, अंतरंग, अनकहा। यह पुस्तक उन्हीं शामों का संकलन है। अगरतला की बारिश भरी रात से लेकर मनाली की पहाड़ी शांति तक, बापू के इन बैठकों में भक्ति और तर्क, हास्य और मौन, स्मृति और रहस्य एक साथ बहते हैं। यहाँ बापू सिर्फ कथाकार नहीं, एक सहज मनुष्य के रूप में दिखते हैं अपने गुरु तुलसीदास और दादा त्रिभुवनदास बापू के प्रभाव से लेकर नरसी मेहता के चमत्कारों तक, प्रेम और मोह के भेद से लेकर हनुमानजी के विश्वास, विचार और वैराग्य तक। यह किताब उन पाठकों के लिए है जो रामचरितमानस की गहराई और एक जीवंत संत के साथ बिताए क्षणों दोनों को महसूस करना चाहते हैं। हर अध्याय एक झलक है, हर बातचीत एक द्वार उस घर तक, जहाँ सत्य, प्रेम और करुणा साठ वर्षों से एक साथ बैठे हैं। अपनी प्रति आज ही मंगवाएँ और यज्ञकुंड की उस लौ के पास बैठिए, जहाँ ज्ञान फुसफुसाया जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Morari Bapu","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45284596154483,"sku":null,"price":399.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0024\/0916\/9011\/files\/Screenshot2026-07-27at11.54.20.png?v=1785143511","url":"https:\/\/kautilya.in\/products\/yagnopnishada-2","provider":"Kautilya Books","version":"1.0","type":"link"}